एक बार बरगांव अवश्य पधारें - जाने बरगांव की विशेषताएं
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मैथिली रामायण के रचियता "कविवर चंदा झा "का जन्म बरगांव में हुआ था । |
बरगांव
बरगांव जिसका विशेषताएं अगर लिखू तो इसकी विशेष विशेषताए पर एक पूरी किताब लिखी जा सकती है पर में संछिप्त में आपको पूरी जानकारी देना चाहूंगा
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| प्रति वर्ष गांव की सभी परिवार से २-३ सदस्य एक साथ मिलकर सुल्तानगंज से चलकर देवघर की पेडल यात्रा करते है यह प्रथा करीब १०० वर्षो से चली आ रही है । |
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| माँ बिषहरा मन्दिर |
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| "कृष्ण यात्रा "(भसाउन ) इस यात्रा के दौरान करीब १०,००० लोग मौजूद रहते आस परोस के जिले से लोग आकर इस यात्रा में सामिल होते है ऐसा माना जाता है की यह यात्रा मिथिलांचल की सबसे बरी यात्रा है । |
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| भगवान शिव यहाँ प्रतिवर्ष १००० की संख्या में लोग गंगा से जल भरकर बरगांव तक पैदल यात्रा कर करते है |





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