बड़गांव की होली : आइये जाने कुछ खास बातें

मिथिला पंचांग अनुसार होली की तिथी :
20 मार्च 2019 बुधवार धुरखेल ,होलिका दहन
21 मार्च 2019 गुरुवार फगुआ
22 मार्च 2019 शुक्रवार मकुण्डी होली
कुछ हीं दिन बाद होली आने वाली है और बड़गांव में होली तो कुछ खास हीं देखने को मिलता है। इसबार ३ दिन तक लगातार चलने वाली पर्व होली की तैयारी हर घर में देखने को मिल रहा है वही गांव से दूर प्रदेशों में रह रहें ग्रामीणों को इस पर्व का तो बहुत दिनों से इंतजार रहता है क्योकि इस पर्व में सभी गांव पहुंचकर अपने परिवार तथा मित्र के साथ मिलकर होली पर्व में रंग तथा गुलाल लगाकर हिन्दू धर्म के इस महान पर्व का आनंद लेते है
बड़गांव की होली के प्रथम दिन ( धुरखेल )
तीन दिन तक चलने वाली इस त्यौहार के प्रथम दिन को "धूलखेल होली" के नाम से जाना जाता है , इस दिन लोगों में होली पर्व को लेकर काफी उमंग देखने को मिलता है क्योंकि इस दिन पर होली लोग सड़कों पर से धूल उठाकर एक दूसरे के ऊपर डालते हैं और साथ ही साथ पूरागांव घूम घूमकर ढोल-बाजे के साथ नाचते-गाते हुए पुरे गांव के रास्ते पर घूमते नजर आते है फिर दिन के २बजे गांव के समीप सुरसर कोसी नदी में जाकर स्नान करते है और प्रथम दिन की होली यहीं समाप्त हो जाती है
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| प्रथम दिन यानि की "धुरखेल" बीते वर्ष के ये तस्वीर |
संध्या 06 बजे होती है होलिका दहन :
गांव में संध्या 06 बजे सभी ग्रामीण मिलकर कोशी नदी के किनारे स्थित क्रीड़ा मैदान पहुंचकर होलिका दहन करते है
होली के दूसरे दिन : ( रंगोली )
इसदिन सुबह सभी लोग एक जगह एकत्रित होकर गांव के घर घर जाकर होली के कई मैथिलि गानों को गाते -झूमते हुए नजर आते हैं साथ हीं साथ गांव के 500 से अधिक घर पर पहुंचकर ,रात के11 बजे होली के इस पर्व को मानते है और इस दिन मुख्य रूप से लोग एक दूसरे के ऊपर रंग लगाकर होली मानते है
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| होली के शुभारम्भ ,प्रथम दिन की तस्वीर |
होली के तीसरे दिन : होली के तीसरे दिन गांव के उत्तरी भाग में सभी ग्रामीण पहुंचकर होली मानते है इस होली को मकुण्डि होली के नाम से जाना जाता है इस दिन पर लोग एक दूसरे के ऊपर गुलाल लगाकर होली मानते हैं
होली के चौथवे दिन : इस दिन सभी ग्रामीण एकत्रित होकर होली के इस महान पर्व का अंत माँ बिषहरा के प्रांगण में करते है
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| होली मानते हुए दिल्ली में रह रहे बड़गांव के सभी ग्रामीण |




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